Class 10 Hindi राम बिनु बिरथे जगि जनमा Objective Questions Bihar Board
बिहार बोर्ड कक्षा 10 हिंदी: राम बिनु बिरथे जगि जनमा
इस पृष्ठ पर बिहार बोर्ड कक्षा 10 के हिंदी पाठ्यक्रम के महत्वपूर्ण पद 'राम बिनु बिरथे जगि जनमा' से संबंधित वस्तुनिष्ठ प्रश्न (Objective Questions) उपलब्ध हैं। ये प्रश्न परीक्षा की तैयारी के लिए उपयोगी हैं।
पाठ के बारे में
यह पद संत तुलसीदास द्वारा रचित है जिसमें भगवान राम के प्रति भक्ति का महत्व बताया गया है।
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राम बिनु बिरथे जगि जनमा पद का सार
तुलसीदास जी इस पद में कहते हैं कि बिना राम के इस संसार में जन्म लेना व्यर्थ है। उनका मानना है कि राम का नाम लिए बिना मनुष्य का जीवन सफल नहीं हो सकता। पद में भक्ति के मार्ग को ही सर्वश्रेष्ठ बताया गया है।
महत्वपूर्ण वस्तुनिष्ठ प्रश्नों के प्रकार
बिहार बोर्ड परीक्षा में इस पद से पूछे जाने वाले प्रश्न निम्नलिखित क्षेत्रों से आते हैं:
- कवि पर आधारित: तुलसीदास जी ने यह पद किस भाषा में लिखा?
- पंक्ति भाव पर आधारित: 'राम बिनु बिरथे जगि जनमा' इस पंक्ति का आशय क्या है?
- शब्दार्थ पर आधारित: 'बिरथे' शब्द का क्या अर्थ है?
- काव्य संग्रह पर आधारित: यह पद तुलसीदास के किस ग्रंथ से लिया गया है?
पद की व्याख्या
तुलसीदास जी लिखते हैं - राम बिनु बिरथे जगि जनमा। यानी बिना राम के इस जगत में जन्म लेना व्यर्थ है। वे आगे कहते हैं कि बिना राम भजन के यह जीवन निष्फल है। उनकी दृष्टि में राम का नाम ही सब कुछ है।
परीक्षा में अध्याय का महत्व
बिहार बोर्ड कक्षा 10 की हिंदी परीक्षा में इस पद से आमतौर पर 2-3 वस्तुनिष्ठ प्रश्न पूछे जाते हैं। छात्रों को पद की पंक्तियों का अर्थ और कवि का दृष्टिकोण अच्छी तरह याद रखना चाहिए। प्रश्न सीधे और स्पष्ट होते हैं, बशर्ते पद को ठीक से पढ़ा गया हो।
अभ्यास के लिए नीचे विभिन्न वर्षों के प्रश्न पत्रों से चुने गए वस्तुनिष्ठ प्रश्न मिलेंगे। इन्हें हल करके अपनी तैयारी जाँचें।