Class 12 Physics गतिमान आवेश और चुंबकत्व Objective Questions Bihar Board
Bihar Board Class 12 Physics: गतिमान आवेश और चुंबकत्व
यह पृष्ठ बिहार बोर्ड कक्षा 12 के भौतिकी विषय के अध्याय 'गतिमान आवेश और चुंबकत्व' (Moving Charges and Magnetism) के वस्तुनिष्ठ प्रश्नों (Objective Questions) के लिए है।
अध्याय के मुख्य बिंदु
इस अध्याय में चुंबकीय क्षेत्र में गतिमान आवेश पर बल, बायो-सावर्ट नियम, एम्पीयर का परिपथीय नियम और चल कुंडली धारामापी जैसे महत्वपूर्ण टॉपिक्स शामिल हैं।
प्रैक्टिस के लिए तैयार प्रश्न
नीचे दिए गए लिंक्स से आप इस अध्याय से संबंधित विभिन्न वर्षों के प्रश्नों तथा अभ्यास सामग्री तक पहुंच सकते हैं। यह सामग्री आपकी बोर्ड परीक्षा की तैयारी में सहायक होगी।
Browse Bihar Board Class 12th गतिमान आवेश और चुंबकत्व Objective Questions by Chapter
Select a chapter from the options below to access Bihar Board Class 12th गतिमान आवेश और चुंबकत्व Objective Questions for that specific chapter. Each chapter page contains all available questions and study materials.
गतिमान आवेश और चुंबकत्व: महत्वपूर्ण अवधारणाएं
बिहार बोर्ड कक्षा 12 भौतिकी के इस अध्याय में विद्युत धारा द्वारा उत्पन्न चुंबकीय क्षेत्र और उसके प्रभावों का अध्ययन किया जाता है। यह अध्याय वस्तुनिष्ठ प्रश्नों (MCQs) की दृष्टि से काफी महत्वपूर्ण है।
लॉरेंज बल (Lorentz Force)
जब कोई आवेशित कण किसी चुंबकीय क्षेत्र में गति करता है तो उस पर एक बल कार्य करता है। इस बल को लॉरेंज बल कहते हैं। इस बल का सूत्र है: F = q (v × B) जहाँ q आवेश, v वेग और B चुंबकीय क्षेत्र है। इस बल की दिशा फ्लेमिंग के बाएँ हाथ के नियम से ज्ञात की जाती है।
बायो-सावर्ट नियम (Biot-Savart Law)
यह नियम किसी भी आकृति के विद्युत धारावाही चालक के कारण किसी बिंदु पर चुंबकीय क्षेत्र की तीव्रता ज्ञात करने में सहायक है। इसके अनुसार, चुंबकीय क्षेत्र (dB) चालक के लंबाई अवयव (dl), धारा (I) और दूरी (r) पर निर्भर करता है। इस नियम का उपयोग करके सीधे तार के कारण, वृत्ताकार कुंडली के केंद्र पर तथा परिनालिका (solenoid) के अक्ष पर चुंबकीय क्षेत्र ज्ञात किया जा सकता है।
एम्पीयर का परिपथीय नियम (Ampere's Circuital Law)
इस नियम के अनुसार, किसी बंद वक्र के परितः चुंबकीय क्षेत्र (B) का रेखीय समाकलन (line integral) उस वक्र द्वारा घिरी हुई कुल विद्युत धारा के μ₀ गुना के बराबर होता है। गणितीय रूप में: ∮B.dl = μ₀I। यह नियम उन स्थितियों में चुंबकीय क्षेत्र ज्ञात करने के लिए उपयोगी है जहाँ सममिति (symmetry) पाई जाती है, जैसे लंबे सीधे धारावाही तार के चारों ओर, टोरॉइड (toroid) के अंदर आदि।
चल कुंडली धारामापी (Moving Coil Galvanometer)
यह एक संवेदनशील यंत्र है जिसका उपयोग विद्युत धारा की उपस्थिति व परिमाण ज्ञात करने के लिए किया जाता है। इसका सिद्धांत यह है कि जब किसी धारावाही कुंडली को चुंबकीय क्षेत्र में रखा जाता है तो उस पर एक बल-युग्म (torque) कार्य करता है जिसके कारण कुंडली घूमती है। इसके मुख्य भाग हैं: एक प्रबल चुंबक, चल कुंडली, स्प्रिंग और एक पॉइंटर। इसे शंट (shunt) प्रतिरोध लगाकर अमीटर में और उच्च प्रतिरोध श्रेणीक्रम में लगाकर वोल्टमीटर में बदला जा सकता है।
वस्तुनिष्ठ प्रश्नों में पूछे जाने वाले प्रमुख प्रकार
- सूत्र आधारित प्रश्न: लॉरेंज बल, चुंबकीय क्षेत्र के सूत्रों पर सीधे गणना के प्रश्न।
- दिशा ज्ञात करना: फ्लेमिंग के बाएँ हाथ के नियम या दाएँ हाथ के नियम के आधार पर बल या क्षेत्र की दिशा बताना।
- युक्तियों के सिद्धांत: साइक्लोट्रॉन (cyclotron), गैल्वेनोमीटर आदि के कार्य सिद्धांत पर प्रश्न।
- परिभाषाएँ व एकाइयाँ: चुंबकीय क्षेत्र की तीव्रता, चुंबकीय फ्लक्स आदि की परिभाषा और SI मात्रक।
- ग्राफ़ संबंधी प्रश्न: जैसे चुंबकीय क्षेत्र में आवेश के वेग और बल के बीच संबंध का ग्राफ।
इन सभी टॉपिक्स पर नियमित अभ्यास से बिहार बोर्ड की परीक्षा में वस्तुनिष्ठ प्रश्नों के खंड में अच्छे अंक प्राप्त किए जा सकते हैं। नीचे दिए गए लिंक से विभिन्न प्रकार के प्रश्नों का अभ्यास करें।