Bihar Board Class 10th Hindi (Godhuli Bhag 2 गद्य खण्ड) Chapter 9 आविन्यों (ललित रचना)) Solutions

Here we have provided Solution for Chapter 9 आविन्यों (ललित रचना)) of Hindi (Godhuli Bhag 2 गद्य खण्ड) subject for Class 10th students of Bihar Board of Secondary Education. There are various chapters in this Hindi (Godhuli Bhag 2 गद्य खण्ड) such as Chapter 2 विष के दाँत (कहानी)), Chapter 3 भारत से हम क्या सीखें (भाषण)), Chapter 4 नाखून क्यों बढ़ते हैं (ललित निबंध)), Chapter 5 नागरी लिपि (निबंध)), Chapter 6 बहादुर (कहानी)), Chapter 7 परंपरा का मूल्यांकन (निबंध)), Chapter 8 जित(जित मैं निरखत हूँ (साक्षात्कार)), Chapter 9 आविन्यों (ललित रचना)), Chapter 10 मछली (कहानी)), Chapter 11 नौबतखाने में इबादत (व्यक्तिचित्र)) and Chapter 12 शिक्षा और संस्कृति (शिक्षाशास्त्र)). Summary of the same is given below:

Board NameBihar Board of Secondary Education
ClassClass 10th
Content TypeSolution
Solution forClass 10th students
SubjectHindi (Godhuli Bhag 2 गद्य खण्ड)
Chapter NameChapter 9 आविन्यों (ललित रचना))
Total Number of Chapter in this Subject11

Studying Bihar Board Class 10th Hindi (Godhuli Bhag 2 गद्य खण्ड) Chapter 9 आविन्यों (ललित रचना)) solution will help you higher marks in this subject but you need to follow best practices to achieve higher marks, which are given after solutions, go through them once.

Bihar Board Class 10th Hindi (Godhuli Bhag 2 गद्य खण्ड) Chapter 9 आविन्यों (ललित रचना)) Solutions

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बिहार बोर्ड कक्षा 10 हिंदी (गोधूलि भाग 2)
पाठ - 9 : आविन्यों (ललित रचना)

1. आविन्यों कहाँ स्थित है?

आविन्यों फ्रांस के दक्षिण-पूर्वी भाग में स्थित एक प्रसिद्ध गाँव है। यह प्रोवेंस-आल्प-कोट-दाज़ूर प्रदेश में आता है और अपनी प्राकृतिक सुंदरता, शांत वातावरण और ऐतिहासिक महत्व के लिए जाना जाता है।

2. आविन्यों के बारे में लेखिका ने क्या जानकारी दी है?

लेखिका ने आविन्यों के बारे में विस्तृत जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि यह एक पहाड़ी गाँव है जो अपने प्राचीन पत्थर के मकानों, संकरी गलियों और शांत वातावरण के लिए प्रसिद्ध है। गाँव का इतिहास रोमन काल से जुड़ा है और यहाँ का प्राकृतिक दृश्य अत्यंत मनोरम है। लेखिका ने इसकी शांति, स्वच्छ हवा और स्थानीय लोगों के सरल जीवन का वर्णन किया है।

3. आविन्यों की सैर करते समय लेखिका को क्या-क्या देखने को मिला?

आविन्यों की सैर के दौरान लेखिका को बहुत कुछ देखने को मिला:

  • पुराने पत्थर के बने हुए घर और संकरी, पत्थर की पट्टियों वाली गलियाँ।
  • ऊँची पहाड़ियाँ और हरे-भरे प्राकृतिक दृश्य।
  • स्थानीय बाजार जहाँ ताज़े फल, सब्जियाँ और हस्तशिल्प के सामान मिलते थे।
  • शांत और निर्मल वातावरण जहाँ केवल प्रकृति की आवाज़ें सुनाई देती थीं।
  • गाँव के सरल और मेहमाननवाज़ लोग।
  • ऐतिहासिक इमारतों के अवशेष जो गाँव के प्राचीन इतिहास की कहानी कहते थे।

4. आविन्यों के लोगों के बारे में लेखिका ने क्या बताया है?

लेखिका ने आविन्यों के लोगों को अत्यंत सरल, मेहमाननवाज़ और प्रकृति प्रेमी बताया है। वे शांत और सादगी भरा जीवन जीते हैं। उनकी दिनचर्या प्रकृति के अनुरूप चलती है। लेखिका को लगा कि यहाँ के लोग भागदौड़ भरी जिंदगी से दूर, संतुष्ट और खुशहाल जीवन व्यतीत कर रहे हैं। उनका आपसी व्यवहार सौहार्दपूर्ण और सहयोगात्मक है।

5. निम्नलिखित वाक्यों में से किन्हीं पाँच वाक्यों को शुद्ध करके लिखिए-
(क) मैंने उसको जाते देखा।
(ख) श्याम को पुस्तक पढ़ना अच्छा है।
(ग) मैं आपके घर कल आऊँगा।
(घ) उसने मुझे मारा, इसलिए मैं उसको मारूंगा।
(ङ) मैंने उससे एक रुपया लिया।
(च) वह यहाँ आया तो मैं उससे मिलूँगा।
(छ) मुझे यह काम करना है।
(ज) तुम वहाँ गये थे।

शुद्ध वाक्य:
(क) मैंने उसे जाते देखा।
(ख) श्याम को पुस्तक पढ़ना अच्छा लगता है।
(ग) मैं आपके घर कल आऊँगा। (यह वाक्य पहले से ही शुद्ध है।)
(घ) उसने मुझे मारा, इसलिए मैं उसे मारूंगा।
(ङ) मैंने उससे एक रुपया लिया। (यह वाक्य पहले से ही शुद्ध है।)
(च) यदि वह यहाँ आया तो मैं उससे मिलूँगा।
(ज) तुम वहाँ गए थे।

6. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए-
(क) 'आविन्यों' पाठ की लेखिका कौन हैं?
(ख) आविन्यों गाँव की क्या विशेषता है?
(ग) लेखिका ने आविन्यों गाँव की यात्रा क्यों की?
(घ) आविन्यों गाँव के लोगों का जीवन कैसा था?

(क) 'आविन्यों' पाठ की लेखिका महादेवी वर्मा हैं। वह हिंदी साहित्य की प्रसिद्ध छायावादी कवयित्री और गद्य लेखिका हैं।

(ख) आविन्यों गाँव की मुख्य विशेषता इसकी अद्भुत प्राकृतिक सुंदरता, शांत वातावरण और ऐतिहासिक महत्व है। यह पहाड़ियों पर बसा हुआ है, जहाँ पुराने पत्थर के मकान, संकरी गलियाँ और मनमोहक दृश्य हैं। यह स्थान भीड़-भाड़ और शोर-शराबे से दूर एक शांतिपूर्ण आश्रयस्थल है।

(ग) लेखिका ने आविन्यों गाँव की यात्रा मुख्य रूप से उसकी प्राकृतिक सुंदरता और शांति का अनुभव करने के लिए की। वह एक ऐसी जगह देखना चाहती थीं जहाँ का जीवन सरल और प्रकृति के करीब हो, तथा जहाँ वह नगरीय जीवन की हलचल से दूर कुछ समय शांति से बिता सकें।

(घ) आविन्यों गाँव के लोगों का जीवन अत्यंत सरल, शांत और प्रकृति के अनुरूप था। वे भौतिकवादी चकाचौंध से दूर, संतुष्टि और सादगी के साथ जीवन व्यतीत करते थे। उनके जीवन में आपसी सहयोग, सौहार्द और मेहमाननवाज़ी कूट-कूट कर भरी हुई थी। उनकी दिनचर्या प्राकृतिक थी और वे अपने परिवेश से गहरा लगाव रखते थे।

7. निम्नलिखित में से किन्हीं पाँच प्रश्नों के उत्तर दीजिए-
(क) आविन्यों गाँव कहाँ स्थित है?
(ख) लेखिका को आविन्यों गाँव कैसा लगा?
(ग) आविन्यों गाँव के लोग किस प्रकार का जीवन व्यतीत करते थे?
(घ) लेखिका ने आविन्यों गाँव की यात्रा कब की?
(ङ) आविन्यों गाँव की प्राकृतिक सुंदरता का वर्णन कीजिए।
(च) लेखिका के अनुसार आविन्यों गाँव की क्या विशेषता थी?

(क) आविन्यों गाँव फ्रांस के दक्षिण-पूर्वी भाग में, प्रोवेंस-आल्प-कोट-दाज़ूर प्रदेश में स्थित है। यह एक पहाड़ी क्षेत्र में बसा हुआ है।

(ख) लेखिका को आविन्यों गाँव अत्यंत मनमोहक, शांत और सुंदर लगा। उन्हें वहाँ का वातावरण इतना शांतिपूर्ण और प्राकृतिक लगा कि वह नगरों की भागदौड़ भरी जिंदगी से एकदम अलग प्रतीत हुआ। उन्होंने गाँव की सादगी और सौंदर्य की प्रशंसा की।

(ग) आविन्यों गाँव के लोग सरल, शांत और प्रकृति के निकट का जीवन व्यतीत करते थे। उनका जीवन भौतिक सुख-सुविधाओं के पीछे भागने वाला नहीं था। वे खेती-बाड़ी और स्थानीय हस्तशिल्प जैसे कार्यों में लगे रहते थे तथा आपस में मिल-जुलकर रहते थे।

(घ) पाठ में लेखिका ने यात्रा के सटीक समय (महीना या वर्ष) का उल्लेख नहीं किया है, परंतु यह स्पष्ट है कि उन्होंने यह यात्रा गर्मियों के मौसम में की, जब प्राकृतिक दृश्य अपने पूरे यौवन पर होते हैं और मौसम सैर-सपाटे के लिए अनुकूल होता है।

(ङ) आविन्यों गाँव की प्राकृतिक सुंदरता अद्वितीय है। चारों ओर हरी-भरी पहाड़ियाँ, स्वच्छ नीला आकाश और शुद्ध वायु है। गाँव ऊँचाई पर स्थित है, जिससे आसपास का मनोरम दृश्य दिखाई देता है। प्रकृति यहाँ अपने विविध रूपों में दृष्टिगोचर होती है, जो मन को शांति और आँखों को सुकून प्रदान करती है।

(च) लेखिका के अनुसार आविन्यों गाँव की मुख्य विशेषता यहाँ का अतुलनीय शांत वातावरण और प्राकृतिक सौंदर्य था। यह एक ऐसा स्थान था जहाँ समय थम-सा गया लगता था और मनुष्य प्रकृति के साथ सामंजस्य स्थापित करके जीवन यापन कर रहा था। यह गाँव आधुनिक जीवनशैली से कोसों दूर एक स्वर्ग जैसा प्रतीत होता था।

--- पाठ के प्रश्नोत्तर समाप्त ---

प्रश्न 3.

पाठ से अहिन्दी स्रोत के शब्द एकत्र कीजिए।

उत्तर:

पाठ में प्रयुक्त कुछ अहिन्दी (विदेशी) स्रोत के शब्द निम्नलिखित हैं:
आविन्यों, रोन, पीटर ब्रुक, आर्कबिशप, वीलननव्व, कार्यसियन, ला शत्रूज, चैम्बर्स, डिपार्टमेंटल स्टोर, रेस्तराँ, ल मादामोजेल द आविन्यों, अले ब्रेता, रेने शॉ, पाल एलुआर।

प्रश्न 4.

निम्नलिखित शब्दों के वचन बदलें।

उत्तर:
एकवचन बहुवचन
रंगकर्मी रंगकर्मियों
कविता कविताएँ
उसका उनके
सामग्री सामग्रियाँ
अनेक एक
सुविधा सुविधाएँ
अवधि अवधियाँ
पीड़ा पीड़ाएँ
पत्ती पत्तियाँ

गद्यांशों पर आधारित अर्थग्रहण-संबंधी प्रश्नोत्तर

1. लगभग दस-बरस पहले पहली बार आविन्यों गया था। दक्षिण फ्रांस में रोन नदी के किनारे बसा एक पुराना शहर है जहाँ कभी कुछ समय के लिए पोप की राजधानी थी और अब गर्मियों में फ्रांस और यूरोप का एक अत्यन्त प्रसिद्ध और लोकप्रिय रंग-समारोह हर बरस होता है। उस बरस वहाँ भारत केन्द्र में था। पीटर ब्रुक का विवादास्पद महाभारत पहले पहल प्रस्तुत किया जानेवाला था और उन्होंने मुझे निमंत्रण भेजा था। पत्थरों की एक खदान में, आविन्यों से कुछ मिलीमीटर दूर, वह भव्य प्रस्तुति हुई थी; सच्चे अर्थों में महाकाव्यात्मक। कुछ दिनों और ठहरा रहा था-कुमार गन्धर्व आए थे और उन्होंने एक आर्कबिशप के पुराने आवास के बड़े से आँगन में गया था। एक बन्दिश भी याद है : द्रमद्रम लता-लता। इस समारोह के दौरान वहाँ के अनेक चर्च और पुराने स्थान रंगस्थलियों में बदल जाते हैं।

प्रश्न
(क) पाठ तथा लेखक का नाम लिखिए।
(ख) लेखक पहली बार आविन्यों कब गया था?
(ग) आविन्यों क्या है और यह किस देश में है?
(घ) आविन्यों आने का निमन्त्रण लेखक को किसने भेजा था और वहाँ पहले-पहल किसकी प्रस्तुति थी?
(ङ) लेखक ने किनके आने की बात कही है और वह कहाँ गया था?
(च) लेखक को कौन-सा बन्दिश याद है तथा उनके अनुसार समारोह की क्या विशेषता होती है?

उत्तर:

(क) पाठ का नाम: आविन्यों
लेखक का नाम: अशोक वाजपेयी

(ख) लेखक लगभग दस वर्ष पहले पहली बार आविन्यों गए थे।

(ग) आविन्यों दक्षिण फ्रांस में स्थित रोन नदी के किनारे बसा एक प्राचीन शहर है। यह एक ऐतिहासिक स्थल है जो कभी पोप की अस्थायी राजधानी भी रहा।

(घ) लेखक को आविन्यों आने का निमंत्रण प्रसिद्ध नाट्य निर्देशक पीटर ब्रुक ने भेजा था। वहाँ पहली बार पीटर ब्रुक द्वारा निर्देशित विवादास्पद नाटक 'महाभारत' की प्रस्तुति होने वाली थी।

(ङ) लेखक ने प्रसिद्ध शास्त्रीय गायक कुमार गन्धर्व के आने की बात कही है। उन्होंने एक आर्कबिशप के पुराने आवास के विशाल आँगन में अपना गायन प्रस्तुत किया था।

(च) लेखक को कुमार गन्धर्व द्वारा गाई गई एक बन्दिश "द्रमद्रम लता-लता" याद है। इस समारोह की विशेषता यह है कि इस दौरान शहर के अनेक पुराने चर्च और ऐतिहासिक स्थल अस्थायी रंगमंचों (रंगस्थलियों) में परिवर्तित हो जाते हैं।

2. फ्रेंच सरकार के सौजन्य से ला शत्रूज में रहकर अपना कुछ काम करने का एक न्यौता मुझे पिछली गर्मियों में मिला था। तब नहीं जा पाया था। यों अवधि तो एक महीने की थी पर इतना समय निकालना कठिन था। सो कुछ उन्नीस दिन वहाँ रहा, 24 अक्टूबर से 10 नवम्बर 1994 की दोपहर तक। अपने साथ हिन्दी का टाइपराइटर, तीन-चार पुस्तकें और कुछ संगीत के टेप्स भर ले गया था। सिर्फ अपने में रहने और लिखने के अलावा प्रायः कुछ और करने की कोई विवशता न होने का जीवन में यह पहला ही अवसर था। इतने निपट एकान्त में रहने का भी कोई अनुभव नहीं था। कुल उन्नीस दिनों में पैंतीस कविताएँ और सत्ताईस गद्य रचनाएँ लिखी गई।

प्रश्न
(क) पाठ तथा लेखक का नाम लिखिए।
(ख) लेखक को किसके द्वारा और किसलिए पिछली गर्मियों में निमन्त्रण मिला था।
(ग) लेखक ला शत्रूज में कब से कब तक रहे ?
(घ) लेखक अपने साथ मुख्यतः क्या ले गए थे?
(ङ) लेखक के जीवन में कैसा अवसर पहले-पहल मिला था?
(च) किस तरह का अनुभव लेखक को बहीं था और उन्होंने उन्नीस दिनों में कितने कविताएँ और गद्य की रचना की।

उत्तर:

(क) पाठ का नाम: आविन्यों
लेखक का नाम: अशोक वाजपेयी

(ख) लेखक को फ्रेंच सरकार के सौजन्य से एक लेखक निवास कार्यक्रम के तहत निमंत्रण मिला था। इस निमंत्रण का उद्देश्य ला शत्रूज नामक स्थान पर रहकर शांतिपूर्वक अपना सृजनात्मक लेखन कार्य करना था।

(ग) लेखक ला शत्रूज में 24 अक्टूबर, 1994 से 10 नवम्बर, 1994 की दोपहर तक रहे। कुल मिलाकर उन्नीस दिनों का प्रवास था।

(घ) लेखक ने अपने साथ लेखन के लिए आवश्यक सामग्री ले गए थे, जिसमें हिन्दी का टाइपराइटर, तीन-चार पुस्तकें और संगीत सुनने के लिए कुछ टेप शामिल थे।

(ङ) लेखक के जीवन में यह पहला ऐसा अवसर था जब उन्हें पूर्णतः एकान्त मिला। उन पर किसी अन्य कार्य की कोई जिम्मेदारी नहीं थी, बस स्वयं के साथ रहना और निर्बाध लिखना था।

(च) लेखक को इतने गहन एकान्त और सुनसान वातावरण में रहने का कोई पूर्व अनुभव नहीं था। इस एकान्त का सकारात्मक परिणाम यह रहा कि उन्होंने केवल उन्नीस दिनों में ही पैंतीस कविताएँ और सत्ताईस गद्य रचनाएँ लिख डालीं।

3. आविन्यों फ्रांस का एक प्रमुख कलाकेन्द्र रहा है। पिकासो की विख्यात कृति का शीर्षक है (ल मादामोजेल द आविन्यों)। कभी अति यथार्थवादी कवियत्री आब्रेताँ, रेने शॉँ और पाल एलुआर ने मिलकर लगभग तीस संयुक्त कविताएँ आविन्यों में साथ रहकर लिखी थीं। ला शत्रूज के निदेशक ने जब इस पुस्तक की सामग्री देखी थी तो उन्हें इतनी अल्पावधि में इतने काम पर अचरज हुआ था। अचरज मुझे भी कम नहीं है। वे सुन्दर, निविड़, सघन, सुनसान दिन और रातें थीं: भय, पवित्रता और आसक्ति से भरी हुईं। यह पुस्तक उन सबकी स्मृति का दस्तावेज है। आविन्यों को, उसी के एक कोने में रहकर लिखी गई, कविप्रणति भी। हर जगह हम कुछ पाते, बहुत सा गंवाते हैं। ला शत्रूज में जो पाया उसके लिए गहरी कृतज्ञता मन में है और जो गवाया उसकी गहरी पीड़ा भी।

प्रश्न
(क) पाठ तथा लेखक का नाम लिखिए।
(ख) लेखक ने कवियत्री की संज्ञा किन्हें दिया है?
(ग) कवियत्री द्वारा लगभग कितनी कविताओं की रचना आविन्यों में की गई ?
(घ) ला शत्रूज के निदेशक को अचरज क्यों हुआ?
(ङ) लेखक ने आविन्यों में रचित पुस्तक को कैसी स्मृति का दस्तावेज माना है ?
(च) लेखक के द्वारा किसके लिए मन में गहरी कृतज्ञता एवं गहरी पीड़ा होने की बात कही गई है।

उत्तर:

(क) पाठ का नाम: आविन्यों
लेखक का नाम: अशोक वाजपेयी

(ख) लेखक ने फ्रांस की प्रसिद्ध अतियथार्थवादी (सररियलिस्ट) कवियत्रियों आब्रेताँ, रेने शॉ और पाल एलुआर को 'कवियत्री' की संज्ञा दी है।

(ग) इन तीनों कवियत्रियों ने आविन्यों में एक साथ रहकर सहयोगात्मक रूप से लगभग तीस संयुक्त कविताओं की रचना की थी।

(घ) ला शत्रूज के निदेशक को अचरज इस बात पर हुआ कि लेखक ने बहुत कम समय (उन्नीस दिन) में ही एक पुस्तक के लिए इतनी अधिक मात्रा में लेखन सामग्री (पैंतीस कविताएँ और सत्ताईस गद्य रचनाएँ) तैयार कर ली थी।

(ङ) लेखक ने अपनी पुस्तक को उन सुन्दर, एकान्त, सघन और भावनात्मक रूप से गहन दिनों एवं रातों की स्मृति का दस्तावेज माना है। ये पल भय, पवित्रता और आसक्ति की मिली-जुली अनुभूतियों से भरे हुए थे।

(च) लेखक के मन में ला शत्रूज में प्राप्त हुए शांत एकान्त, सृजन के अवसर और अनुभवों के लिए गहरी कृतज्ञता है। साथ ही, उस समय और अनुभवों के बीत जाने की, उन्हें छोड़कर आने की एक गहरी पीड़ा या विरह भी है। यह कृतज्ञता और पीड़ा का मिश्रित भाव है।

वस्तुनिष्ठ प्रश्न

1. सही विकल्प चुनें

प्रश्न 1.

आविन्यों पाठ का लेखक कौन है ?
(क) नलिन विलोचन शर्मा
(ख) रामविलास शर्मा
(ग) अशोक वाजपेयी
(घ) यतीन्द्र मिश्र

उत्तर: (ग) अशोक वाजपेयी

प्रश्न 2.

आविन्यों पाठ गद्य की कौन-सी विधा है ?
(क) कहानी
(ख) यात्रा-वृत्तांत
(ग) उपन्यास
(घ) रेखा चित्र।

उत्तर: (ख) यात्रा-वृत्तांत

प्रश्न 3.

आविन्यों किस नदी के किनारे बसा है ? (क) गंगा

(ख) नील

(ग) दोन

(घ) रोन

उत्तर: (घ) रोन

आविन्यों दक्षिणी फ्रांस में स्थित एक ऐतिहासिक शहर है, जो रोन नदी के किनारे बसा हुआ है। यह नदी इस क्षेत्र की प्रमुख नदी है और शहर के सौंदर्य व महत्व को बढ़ाती है।

प्रश्न 4.

ला शत्रूज क्या है ? (क) नगर

(ख) गाँव

(ग) ईसाई मठ

(घ) महाविद्यालय

उत्तर: (ग) ईसाई मठ

ला शत्रूज एक ऐतिहासिक ईसाई मठ है, जो आविन्यों में स्थित है। मध्ययुगीन काल में इसे फ्रांसीसी शासकों द्वारा पोप की गतिविधियों पर नज़र रखने के लिए एक किले के रूप में भी इस्तेमाल किया गया था। लेखक को यहाँ रहकर रचनात्मक कार्य करने का अवसर मिला था।

प्रश्न 5.

पिकासो क्या थे? (क) कवि

(ख) चित्रकार

(ग) नाटककार

(घ) उपन्यासकार

उत्तर: (ख) चित्रकार

पाब्लो पिकासो एक विश्वविख्यात स्पेनिश कलाकार थे, जो मुख्य रूप से चित्रकार के रूप में जाने जाते हैं। उन्होंने चित्रकला के साथ-साथ मूर्तिकला, प्रिंटमेकिंग और सिरेमिक में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया। उनकी शैली ने आधुनिक कला को गहराई से प्रभावित किया।

प्रश्न 6.

आविन्यों की ख्याति किस रूप में है ?

(क) कला केन्द्र

(ख) सिनेमाघर

(ग) रंगमंच

(घ) नदी

उत्तर: (ग) रंगमंच

आविन्यों की मुख्य ख्याति एक प्रमुख रंगमंच (थिएटर) और सांस्कृतिक केंद्र के रूप में है। प्रतिवर्ष गर्मियों में यहाँ आविन्यों रंगमंच समारोह आयोजित किया जाता है, जो पूरे फ्रांस और यूरोप में अत्यंत प्रसिद्ध व लोकप्रिय है। इस समारोह में दुनिया भर के नाटक, नृत्य और अन्य कलात्मक प्रस्तुतियाँ होती हैं।

II. रिक्त स्थानों की पूर्ति

प्रश्न 1.

रोन नदी के दूसरी ओर ............ का एक और हिस्सा है।

उत्तर: आविन्यों

रोन नदी के दूसरे किनारे पर आविन्यों शहर का एक और हिस्सा स्थित है, जिसे 'वीलनव्व ल' या 'नया आविन्यों' कहा जाता है। यह क्षेत्र ऐतिहासिक रूप से महत्वपूर्ण रहा है।

प्रश्न 2.

दो-दो कमरों के ......... सुरक्षित हैं।

उत्तर: मकान

लेखक बताते हैं कि आविन्यों के पुराने हिस्से में दो-दो कमरों के मकान अभी भी सुरक्षित स्थिति में मौजूद हैं, जो शहर के ऐतिहासिक स्वरूप को दर्शाते हैं।

प्रश्न 3.

वीलनव्व ल एक छोटा-सा ............ है।

उत्तर: गाँव

वीलनव्व ल रोन नदी के पार बसा आविन्यों का एक छोटा-सा गाँव या उपनगरीय इलाका है। यहाँ दैनिक जरूरतों की दुकानें, रेस्तराँ आदि सुविधाएँ उपलब्ध हैं।

प्रश्न 4.

नदी तट पर बैठने का अर्थ नदी के साथ ........ है।

उत्तर: संवाद

नदी तट पर बैठने का वास्तविक अर्थ केवल विश्राम करना नहीं, बल्कि नदी के साथ एक गहरा संवाद स्थापित करना है। यह प्रकृति के साथ जुड़ने और शांति प्राप्त करने का एक तरीका है।

प्रश्न 5.

कविता .......... नहीं होती।

उत्तर: शब्द-रिक्त

कविता केवल शब्दों का खेल नहीं है; वह शब्द-रिक्त (मात्र शब्दों से खाली) नहीं होती। कविता में भावनाओं, अनुभवों और कल्पना की गहराई होती है जो शब्दों के माध्यम से अभिव्यक्त होती है।

प्रश्न 6.

नदी और ............. में हम बरबस शामिल हो जाते हैं।

उत्तर: कविता

नदी और कविता दोनों ही ऐसी चीजें हैं जिनके प्रवाह और संगीत में मनुष्य स्वतः ही, बिना किसी प्रयास के, शामिल हो जाता है। ये दोनों मानवीय अनुभूति का अटूट हिस्सा हैं।

अतिलघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.

आविन्यों के दूसरे हिस्से का क्या नाम है ?

उत्तर:

आविन्यों के दूसरे हिस्से का नाम वीलनव्व ल' आविन्यों है, जिसका अर्थ है 'आविन्यों का नया गाँव' या 'नई बस्ती'। यह रोन नदी के दूसरे किनारे पर स्थित है।

प्रश्न 2.

“वीलनव्व ल” में कौन-कौन सी सुविधाएं हैं?

उत्तर:

“वीलनव्व ल” में निवासियों और पर्यटकों के लिए आवश्यक सुविधाएँ उपलब्ध हैं, जैसे कि पत्र-पत्रिकाओं की एक दुकान, एक डिपार्टमेंटल स्टोर (बड़ी दुकान), और कई रेस्तराएँ। यह एक छोटा-सा जीवंत इलाका है।

प्रश्न 3.

लेखक “आविन्यों” क्यों गए थे?

उत्तर:

लेखक फ्रांसीसी सरकार के आमंत्रण पर आविन्यों गए थे। उन्हें वहाँ के ऐतिहासिक ईसाई मठ 'ला शत्रूज' में रहकर कुछ रचनात्मक कार्य (जैसे कविता और गद्य लेखन) करने का अवसर प्रदान किया गया था।

प्रश्न 4.

लेखक “ला शत्रूज” में कितने दिनों तक रहे?

उत्तर:

लेखक "ला शत्रूज" में 24 अक्टूबर से 10 नवंबर तक, कुल उन्नीस दिनों तक रहे। इस दौरान उन्होंने एकांत में रहकर अनेक रचनाएँ लिखीं।

प्रश्न 5.

लेखक ने “ला शत्रूज” के अपने प्रवास काल में कौन से कार्य सम्पादित किए?

उत्तर:

अपने प्रवास काल के दौरान, लेखक ने पैंतीस कविताएँ और सत्ताइस गद्य रचनाएँ लिखकर एक सर्जनात्मक अनुष्ठान पूरा किया। यह उनकी उर्वर रचनाशीलता को दर्शाता है।

प्रश्न 6.

पिकासो कौन थे और उनकी विख्यात कृति का नाम क्या है ?

उत्तर:

पाब्लो पिकासो एक प्रसिद्ध स्पेनिश चित्रकार थे, जो आधुनिक कला के जनक माने जाते हैं। उनकी सबसे विख्यात कृतियों में से एक है – 'ल मादामोजेल द आविन्यों' (Les Demoiselles d'Avignon), जिसने क्यूबिज़म कला आंदोलन की नींव रखी।

प्रश्न 7.

“ला शत्रूज” का ऐतिहासिक महत्व क्या है ?

उत्तर:

"ला शत्रूज" का ऐतिहासिक महत्व यह है कि मध्ययुगीन काल में फ्रांसीसी शासकों ने यहाँ एक किला बनवाया था, ताकि आविन्यों में रह रहे पोप की गतिविधियों पर नज़र रखी जा सके। बाद में इसे एक मठ में बदल दिया गया।

प्रश्न 8.

लेखक आविन्यों जाकर क्यों अभिभूत था ?

उत्तर:

लेखक आविन्यों जाकर वहाँ के प्राकृतिक सौंदर्य, ऐतिहासिक स्थलों, और रोन नदी की मनोहारी छटा को देखकर अभिभूत (गहराई से प्रभावित) हो गया। इस स्थान की शांति और सांस्कृतिक वातावरण ने उन पर गहरा प्रभाव छोड़ा।

प्रश्न 9.

कौन सी दो वस्तुएँ सदा से हमारे साथ रही हैं ?

उत्तर:

नदी और कविता – ये दो वस्तुएँ (या अवधारणाएँ) सदा से मानव सभ्यता और संस्कृति के साथ रही हैं। नदी जीवन का प्रतीक है तो कविता मानवीय भावनाओं और कल्पना की अभिव्यक्ति।

प्रश्न 10.

आविन्यों क्या है और वह कहाँ अवस्थित है ?

उत्तर:

आविन्यों दक्षिणी फ्रांस में स्थित एक पुराना ऐतिहासिक शहर है। यह रोन नदी के किनारे बसा हुआ है और अपने मध्ययुगीन वास्तुशिल्प तथा प्रसिद्ध रंगमंच समारोह के लिए जाना जाता है।

प्रश्न 11.

हर बरस आविन्यों में कब और कैसा समारोह हुआ करता है?

उत्तर:

हर बरस गर्मियों के मौसम में आविन्यों में 'आविन्यों रंगमंच समारोह' (Festival d'Avignon) होता है। यह फ्रांस और यूरोप का एक अत्यंत प्रसिद्ध और लोकप्रिय सांस्कृतिक व रंगमंच समारोह है, जहाँ दुनिया भर के कलाकार नाटकों व अन्य कलात्मक प्रस्तुतियों से शहर को जीवंत बना देते हैं।

प्रश्न 1: आविन्यों कहाँ स्थित है?

आविन्यों दक्षिणी फ्रांस के प्रोवांस क्षेत्र में स्थित एक छोटा-सा गाँव है। यह वाउक्ल्यूज़ विभाग में आता है और अपनी प्राकृतिक सुंदरता एवं ऐतिहासिक महत्व के लिए जाना जाता है।

प्रश्न 2: आविन्यों की भौगोलिक स्थिति का वर्णन कीजिए।

आविन्यों एक पहाड़ी पर बसा हुआ गाँव है। इसके एक ओर वेंटू पहाड़ है और दूसरी ओर रोन नदी बहती है। गाँव के चारों तरफ प्राचीन दीवारें हैं और यह अपने संकरी गलियों, पुराने पत्थर के मकानों तथा ऊँचे स्थान पर स्थित महल के लिए प्रसिद्ध है।

प्रश्न 3: आविन्यों के महल का इतिहास क्या है?

आविन्यों का महल चौदहवीं शताब्दी में बना था। यह काथूसियन सम्प्रदाय के ईसाई भिक्षुओं का मठ था, जिसे ला शरत्रूज कहा जाता था। फ्रेंच क्रांति तक इसका धार्मिक उपयोग होता रहा। वर्तमान में इसमें एक सक्रिय कला केंद्र स्थापित है जो रंगमंच और साहित्यिक गतिविधियों से जुड़ा हुआ है।

प्रश्न 4: लेखक का आविन्यों प्रवास कितने दिनों का था और उस दौरान उसकी सृजनात्मकता का परिचय दीजिए।

लेखक का आविन्यों प्रवास उन्नीस दिनों का था, जो 24 अक्टूबर से 10 नवंबर 1994 की दोपहर तक चला। इस छोटी सी अवधि में भी लेखक अत्यंत सृजनात्मक रहा। उसने कुल पैंतीस कविताएँ और सत्ताईस गद्य रचनाएँ लिखीं, जो उस स्थान की प्रेरणादायक वातावरण को दर्शाता है।

प्रश्न 5: आविन्यों कला के क्षेत्र में क्यों प्रसिद्ध है?

आविन्यों फ्रांस का एक प्रमुख कला केंद्र रहा है। विश्वविख्यात चित्रकार पाब्लो पिकासो ने यहाँ रहकर अपनी प्रसिद्ध कृति "ल मादामोजेल द आविन्यों" बनाई थी। इसके अलावा, यहाँ स्थित कला केंद्र नाटक, लेखन और अन्य कलात्मक गतिविधियों को बढ़ावा देता है, जिससे यह स्थान कलाकारों के लिए एक आकर्षण का केंद्र बना हुआ है।

प्रश्न 6: 'प्रतीक्षा करते हैं पत्थर' से लेखक क्या कहना चाहता है?

इस अभिव्यक्ति के माध्यम से लेखक पत्थरों में एक गहरी सहनशीलता और रहस्यमय प्रतीक्षा का भाव देखता है। पत्थर धैर्यपूर्वक, रेशा-रेशा घिसते और घुलते हुए, बिना शब्दों के कविता लिखते हुए किसी की प्रतीक्षा करते प्रतीत होते हैं। यह प्रतीक्षा किस देवता, काल या शक्ति की है, यह अज्ञात है। यह प्रकृति के मूक तत्वों में निहित गूढ़ अस्तित्व और समय के साथ उनके धीमे परिवर्तन की ओर संकेत करता है।

प्रश्न 7: 'नदी के किनारे भी नदी है' इस कथन का आशय स्पष्ट कीजिए।

इस कथन का आशय है कि जब हम नदी के तट पर बैठते हैं, तो हम स्वयं नदी का एक हिस्सा बन जाते हैं। कई बार ऐसा भ्रम होता है कि पानी स्थिर है और किनारा बह रहा है। नदी के पास बैठना भी एक प्रकार से नदी के प्रवाह में शामिल होना है। जिस प्रकार नदी सबको अपने साथ लेकर चलती है, सबको भिगोती है, उसी प्रकार कविता के अनुभव में भी पाठक या श्रोता स्वतः ही शामिल हो जाता है और उसकी धारा का हिस्सा बन जाता है।

शब्दार्थ

महाकाव्यात्मक: महाकाव्य जैसा विशाल और गंभीर स्वरूप रखने वाला।
रंगस्थल: वह स्थान जहाँ नाटक का मंचन होता है।
द्रुम: वृक्ष, पेड़-पौधे।
स्थापत्य: भवन निर्माण की कला, वास्तुकला।
जीर्णोद्धार: पुरानी और टूटी-फूटी चीज़ को दुरुस्त करना, पुनर्निर्माण।
सुघर: सुंदर, आकर्षक।
चैम्बर्स: कमरे, प्रकोष्ठ।
नीरव: शांत, बिना आवाज़ का।
निफ्ट: केवल, निरा, स्पष्ट रूप से।
निविड: बहुत घना, सघन।
आसक्ति: गहरा लगाव, मोह।
दस्तावेज: ऐसे आधिकारिक कागजात जिनमें किसी तथ्य या घटना का विवरण दर्ज हो।
कविप्रणति: कवि द्वारा अर्पित कृतज्ञतापूर्ण प्रणाम या नमस्कार।
बियाबान: सुनसान, निर्जन इलाका।
बेहद्दी चौगान: अनंत, सीमारहित खुला मैदान।
तदाकार: किसी चीज़ के आकार में पूरी तरह से ढल जाना या मिल जाना।
अभिभूति: अत्यधिक प्रभावित होना, विह्वल हो जाना।
नश्वरता: नाश होने का भाव, अनित्यता।

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