Bihar Board Class 10th Hindi (Godhuli Bhag 2 गद्य खण्ड) Chapter 6 बहादुर (कहानी)) Solutions
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| Board Name | Bihar Board of Secondary Education |
| Class | Class 10th |
| Content Type | Solution |
| Solution for | Class 10th students |
| Subject | Hindi (Godhuli Bhag 2 गद्य खण्ड) |
| Chapter Name | Chapter 6 बहादुर (कहानी)) |
| Total Number of Chapter in this Subject | 11 |
Studying Bihar Board Class 10th Hindi (Godhuli Bhag 2 गद्य खण्ड) Chapter 6 बहादुर (कहानी)) solution will help you higher marks in this subject but you need to follow best practices to achieve higher marks, which are given after solutions, go through them once.
Bihar Board Class 10th Hindi (Godhuli Bhag 2 गद्य खण्ड) Chapter 6 बहादुर (कहानी)) Solutions
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बिहार बोर्ड - हिन्दी (गोधूलि भाग 2)
पाठ 6: बहादुर (कहानी)
1. बहादुर के चरित्र की विशेषताएँ लिखिए।
बहादुर एक गरीब नेपाली परिवार का मेहनती और ईमानदार लड़का था। उसके चरित्र की प्रमुख विशेषताएँ इस प्रकार हैं:
- ईमानदार एवं सच्चा: वह कभी झूठ नहीं बोलता था और चोरी जैसे कामों से दूर रहता था।
- मेहनती: वह घर के सारे काम, जैसे झाड़ू लगाना, बर्तन माँजना, कपड़े धोना, बिना किसी शिकायत के करता था।
- संवेदनशील एवं भावुक: उसे डाँट पड़ने या अपमानित होने पर बहुत दुख होता था और वह रो पड़ता था।
- सीखने की ललक: वह निर्मला दीदी से पढ़ना सीखना चाहता था और अपने भविष्य के सपने देखता था।
- सहनशील: घर के बड़े बेटे द्वारा मार खाने और ताने सुनने के बावजूद वह धैर्य से काम करता रहा।
- स्वाभिमानी: अंत में जब उस पर चोरी का झूठा आरोप लगा और उसका अपमान हुआ, तो उसने वह घर छोड़ दिया, जो उसके स्वाभिमान को दर्शाता है।
2. बहादुर के आने से निर्मला के जीवन में क्या परिवर्तन आया?
बहादुर के आने से निर्मला के जीवन में सकारात्मक बदलाव आए। उसके सारे घरेलू कामों का बोझ कम हो गया, जिससे उसे पढ़ाई और अन्य गतिविधियों के लिए अधिक समय मिलने लगा। बहादुर उसका मित्र बन गया था। वह उसे पढ़ाती थी और उसके साथ बातें करती थी। इससे निर्मला के जीवन में एक साथी का सुख आया और उसकी दिनचर्या अधिक सुव्यवस्थित हो गई।
3. बहादुर के साथ अन्याय क्यों हुआ?
बहादुर के साथ अन्याय निम्नलिखित कारणों से हुआ:
- सामाजिक स्थिति: वह एक गरीब नेपाली घर का लड़का था और नौकर होने के कारण समाज में उसकी हैसियत कम आँकी जाती थी।
- पूर्वाग्रह: घर के बड़े बेटे को शुरू से ही यह विश्वास था कि नौकर चोर ही होते हैं, इसलिए वह बहादुर पर संदेह की दृष्टि से देखता था।
- घटना का मौका: जब घर से पैसे गायब हुए, तो बिना किसी पुख्ता सबूत के, सिर्फ शक की वजह से बहादुर को ही दोषी ठहरा दिया गया।
- अहंकार एवं क्रोध: बड़े बेटे का अहंकार और गुस्सा इतना था कि उसने बहादुर की एक न सुनी और उसे मारपीट कर घर से निकाल दिया।
4. बहादुर कहानी का सारांश अपने शब्दों में लिखिए।
यह कहानी एक गरीब नेपाली लड़के 'बहादुर' की मार्मिक गाथा है। पारिवारिक कलह और गरीबी के कारण बहादुर घर छोड़कर एक मध्यवर्गीय परिवार में नौकर बन जाता है। वह बेहद मेहनती, ईमानदार और भावुक है। घर की बेटी निर्मला उससे दोस्ती कर लेती है और उसे पढ़ाने लगती है। परिवार का बड़ा बेटा उसे हमेशा संदेह की नज़र से देखता है। एक दिन घर से कुछ पैसे गायब हो जाते हैं और बिना किसी जाँच के सारा दोष बहादुर पर थोप दिया जाता है। उसे बुरी तरह मारा जाता है और अपमानित किया जाता है। इस अन्याय को सहन न कर पाने वाला बहादुर, अपना सामान भी लिए बिना, चुपचाप घर से चला जाता है। कहानी समाज में फैले वर्ग भेद, पूर्वाग्रह और एक मासूम बच्चे के साथ होने वाले अन्याय को बहुत ही संवेदनशील तरीके से उजागर करती है।
5. बहादुर के साथ ऐसा व्यवहार क्यों किया गया? वर्तमान समाज में ऐसी प्रवृत्ति के बारे में अपने विचार लिखिए।
बहादुर के साथ दुर्व्यवहार का मुख्य कारण सामाजिक और आर्थिक असमानता थी। वह एक गरीब नौकर था, इसलिए परिवार के एक सदस्य की नज़र में उसकी हैसियत कम थी और वह उसे हीन भावना से देखता था। समाज में नौकरों के प्रति यह पूर्वाग्रह कि वे अविश्वसनीय होते हैं, इस घटना का आधार बना। वर्तमान समाज में भी ऐसी प्रवृत्ति कमोबेश बनी हुई है। आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग, विशेषकर घरेलू कामगारों, के साथ अक्सर भेदभावपूर्ण व्यवहार किया जाता है। उन्हें कम वेतन दिया जाता है, अमानवीय परिस्थितियों में काम करने को मजबूर किया जाता है और उन पर बिना वजह संदेह किया जाता है। हालाँकि, शिक्षा और जागरूकता के कारण अब स्थिति में सुधार आ रहा है। कानून भी ऐसे शोषण के खिलाफ है। फिर भी, मानसिकता में बदलाव लाने और हर इंसान को समान अधिकार व सम्मान दिलाने के लिए अभी बहुत कुछ किया जाना बाकी है।
बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQs)
1. 'बहादुर' कहानी के लेखक कौन हैं?
(क) अमरकांत
(ख) प्रेमचंद
(ग) फणीश्वरनाथ रेणु
(घ) हरिशंकर परसाई
2. बहादुर कहाँ का रहने वाला था?
(क) बिहार
(ख) नेपाल
(ग) उत्तर प्रदेश
(घ) पंजाब
3. बहादुर किस काम से घर आया था?
(क) पढ़ाई करने
(ख) सैर करने
(ग) नौकरी करने
(घ) रिश्तेदारी निभाने
4. बहादुर के साथ किसने दोस्ती कर ली थी?
(क) दिलबहादुर
(ख) निर्मला
(ग) मोहन
(घ) राम
5. बहादुर पर क्या झूठा आरोप लगा?
(क) झूठ बोलने का
(ख) काम चोरी करने का
(ग) चोरी करने का
(घ) पढ़ाई न करने का
6. बहादुर का चरित्र कैसा था?
(क) चालाक और धूर्त
(ख) ईमानदार और मेहनती
(ग) आलसी और कामचोर
(घ) झगड़ालू और गुस्सैल
बिहार बोर्ड - कक्षा 10
हिंदी (गोधूलि भाग 2 - गद्य खण्ड)
पाठ 6 : बहादुर (कहानी)
1. बहादुर के चरित्र की विशेषताएँ लिखें।
बहादुर एक सीधा-सादा, मेहनती और ईमानदार नेपाली लड़का है। वह अपने परिवार की आर्थिक तंगी के कारण घर छोड़कर नौकरी करने आता है। उसके चरित्र की प्रमुख विशेषताएँ हैं – सरल स्वभाव, कर्मठता, सच्चाई, विनम्रता और दूसरों की भावनाओं का सम्मान। वह अपने मालिक के घर के सभी काम मन लगाकर करता है। हालाँकि वह अनपढ़ है, लेकिन उसमें स्वाभिमान की भावना है। एक घटना में जब उस पर झूठा आरोप लगता है, तो वह अपनी बेगुनाही साबित करने के लिए दृढ़ रहता है और अंततः सच्चाई सामने आ जाती है। उसकी मासूमियत और ईमानदारी उसे एक यादगार पात्र बनाती है।
2. बहादुर के आने से लेखक के परिवार में क्या परिवर्तन आया?
बहादुर के आने से लेखक के परिवार के दैनिक जीवन में सुविधा और सुव्यवस्था आ गई। घर के सभी काम-काज, जैसे बर्तन साफ करना, कमरे की सफाई, बाजार से सामान लाना आदि, समय पर होने लगे। लेखक की पत्नी को घरेलू कामों से कुछ राहत मिली। बच्चों को भी बहादुर एक नया साथी और मनोरंजन का साधन लगा। हालाँकि, शुरुआत में बहादुर की अनाड़ीपन और भोलेपन के कारण कुछ समस्याएँ भी हुईं, लेकिन धीरे-धीरे वह सब काम सीख गया। कुल मिलाकर, उसके आने से घर का वातावरण अधिक सुचारु और संगठित हो गया।
3. बहादुर के साथ कौन-कौन सी घटनाएँ घटी? उनका वर्णन करें।
बहादुर के साथ कहानी में कई महत्वपूर्ण घटनाएँ घटित होती हैं:
- घर आना और अनाड़ीपन: शुरुआत में वह काम में अनाड़ी था। पहले दिन ही चाय बनाते समय उसने चायपत्ती की जगह तेजपत्ता डाल दिया और दूध फेंक दिया।
- बर्तन तोड़ना: एक बार काम करते हुए उससे कई बर्तन टूट गए, जिस पर लेखक की पत्नी ने उसे डाँटा।
- चोरी का झूठा आरोप: सबसे महत्वपूर्ण घटना तब घटी जब घर से पाँच रुपये गायब हुए और लेखक के बेटे निर्मल ने बहादुर पर चोरी का आरोप लगा दिया। बहादुर ने जोरदार इनकार किया और रोने लगा।
- बेगुनाही साबित होना: बाद में पता चला कि पैसे निर्मल ने ही लिए थे और उसने ही बहादुर पर आरोप लगाया था। इससे बहादुर की ईमानदारी साबित हुई।
- घर छोड़कर चले जाना: इस झूठे आरोप और अपमान से आहत होकर बहादुर घर छोड़कर चला गया, जिससे परिवार के सदस्यों को पश्चाताप हुआ।
4. बहादुर कहानी का सारांश लिखें।
‘बहादुर’ कहानी एक नेपाली मजदूर लड़के के जीवन के इर्द-गिर्द घूमती है, जो गरीबी के कारण घर छोड़कर लेखक के परिवार में नौकरी करने आता है। बहादुर शुरू में काम में अनाड़ी है, लेकिन वह बहुत मेहनती और ईमानदार है। वह धीरे-धीरे सभी काम सीख लेता है और परिवार का अभिन्न अंग बन जाता है। कहानी का मोड़ तब आता है जब लेखक के बेटे निर्मल के कारण बहादुर पर चोरी का झूठा आरोप लगता है। यह आरोप बहादुर के संवेदनशील मन को गहराई से चोट पहुँचाता है। जब सच्चाई सामने आती है और पता चलता है कि निर्मल ने ही पैसे लिए थे, तब तक बहादुर अपमानित महसूस करके घर छोड़कर जा चुका होता है। कहानी सामाजिक विषमता, गरीबी, बाल मजदूरी, मासूमियत और ईमानदारी के साथ-साथ झूठे आरोप के मनोवैज्ञानिक प्रभाव को दर्शाती है। अंत में परिवार के सदस्यों को अपनी गलती का एहसास होता है और वे बहादुर की याद में डूब जाते हैं।
5. बहादुर के प्रति लेखक के बेटे निर्मल का व्यवहार कैसा था?
निर्मल का बहादुर के प्रति व्यवहार दोहरा और अवसरवादी था। एक तरफ वह बहादुर को अपना साथी मानता था और उसके साथ खेलता, बातें करता था। दूसरी तरफ, वह उसे एक नौकर समझता था और कभी-कभी उस पर हुक्म चलाने या उसे चिढ़ाने से भी नहीं चूकता था। निर्मल में एक शरारती और जिम्मेदारी से बचने की प्रवृत्ति थी। चोरी की घटना में उसने अपनी गलती छुपाने के लिए बहादुर पर झूठा आरोप लगा दिया, जो उसके कायरतापूर्ण और स्वार्थी व्यवहार को दर्शाता है। इस घटना से स्पष्ट है कि निर्मल बहादुर की भावनाओं का सम्मान नहीं करता था और उसे एक ‘निम्न’ दर्जे का व्यक्ति समझता था।
6. बहादुर किस प्रकार का लड़का था?
बहादुर एक गरीब परिवार से आया हुआ सीधा-सादा और भोला लड़का था। वह अनपढ़ था, लेकिन उसमें जन्मजात बुद्धिमत्ता और समझदारी थी। वह अपने काम के प्रति पूरी तरह समर्पित और ईमानदार था। उसका स्वभाव विनम्र और आज्ञाकारी था। वह जल्दी सीखने वाला और मेहनती था। अपने छोटे से कद और मासूम चेहरे के बावजूद, वह अपने अंदर एक गहरा स्वाभिमान रखता था, जो झूठे आरोप के समय स्पष्ट दिखाई देता है। वह संवेदनशील था और दूसरों का दिल दुखाना नहीं चाहता था। कुल मिलाकर, बहादुर एक ऐसा चरित्र था जो अपनी सादगी, ईमानदारी और मेहनत से सबका दिल जीत लेता था।
बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQs)
1. बहादुर कहाँ का रहने वाला था?
A. नेपाल
B. बिहार
C. उत्तर प्रदेश
D. पंजाब
2. बहादुर किस लेखक द्वारा लिखित कहानी का पात्र है?
A. प्रेमचंद
B. अमरकांत
C. फणीश्वरनाथ रेणु
D. हरिशंकर परसाई
3. बहादुर पर क्या झूठा आरोप लगाया गया?
A. झूठ बोलने का
B. काम चोरी करने का
C. चोरी करने का
D. मारपीट करने का
4. बहादुर के साथ किसने धोखा किया?
A. लेखक
B. लेखक की पत्नी
C. लेखक का बेटा निर्मल
D. पड़ोसी
5. बहादुर के चले जाने के बाद परिवार के सदस्यों को कैसा लगा?
A. खुशी
B. राहत
C. पश्चाताप और दुख
D. क्रोध
6. बहादुर का असली नाम क्या था?
A. दलबहादुर
B. शेरबहादुर
C. वीरबहादुर
D. कुछ नहीं, वही बहादुर
1. बहादुर के आने से निर्मला के घर के वातावरण में क्या परिवर्तन आया?
बहादुर के आने से निर्मला के घर का वातावरण पहले से अधिक सुव्यवस्थित और हँसमुख हो गया। घर की सफाई, बर्तनों की धुलाई, सामान की व्यवस्था आदि सभी काम समय पर और अच्छी तरह होने लगे। बहादुर के मेहनती और ईमानदार स्वभाव के कारण घर के सदस्यों का उस पर विश्वास बढ़ गया। उसकी मासूमियत और हर समय मुस्कुराते रहने की आदत ने घर में एक सकारात्मक ऊर्जा भर दी।
2. बहादुर को किस बात का बहुत अधिक डर था?
बहादुर को पुलिस का बहुत अधिक डर था। वह अक्सर कहता था कि पुलिस बिना किसी कारण के गरीब और मजदूर लोगों को पकड़ लेती है और उन पर झूठे मुकदमे थोप देती है। यह डर उसके मन में इतना गहरा बैठा हुआ था कि पुलिस का नाम सुनते ही वह घबरा जाता था और उसका चेहरा पीला पड़ जाता था।
3. बहादुर के चरित्र की विशेषताएँ लिखिए।
बहादुर का चरित्र कई सराहनीय गुणों से भरा हुआ था:
- ईमानदारी: वह बेहद ईमानदार था। घर का कोई भी सामान, चाहे वह पैसा हो या कोई छोटी वस्तु, वह कभी भी हाथ नहीं लगाता था।
- मेहनती: वह दिनभर बिना थके काम करता रहता था और हर काम पूरी लगन से करता था।
- भोलापन एवं मासूमियत: उसका स्वभाव बहुत भोला और सीधा था। वह छोटी-छोटी बातों पर खुश हो जाता था और हमेशा मुस्कुराता रहता था।
- संवेदनशील: वह एक संवेदनशील लड़का था। डाँट पड़ने या अपमानित होने पर वह गहराई से आहत हो जाता था और रोने लगता था।
- डरपोक: पुलिस का नाम सुनकर उसके होश उड़ जाते थे, जो उसकी डरपोक प्रवृत्ति को दर्शाता है।
4. बहादुर के स्थान पर यदि आप होते तो क्या करते?
यदि मैं बहादुर के स्थान पर होता तो सबसे पहले अपनी शिक्षा जारी रखने का प्रयास करता। खाली समय में पढ़ाई करता और घर के बड़ों से सहायता माँगकर स्कूल जाने की व्यवस्था करने की कोशिश करता। साथ ही, निर्मला जी और उनके परिवार के साथ अपने दुख-दर्द और भविष्य की चिंताओं के बारे में खुलकर बात करता, ताकि वे मेरी मदद कर सकें। मैं अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहता और किसी भी तरह के अन्याय का डटकर सामना करता।
5. बहादुर की माँ उसे क्यों नहीं रख सकी?
बहादुर की माँ एक गरीब विधवा थी। उसके पास अपने बेटे बहादुर का पेट पालने के लिए पर्याप्त पैसे नहीं थे। वह खुद मजदूरी करके मुश्किल से अपना गुजारा चला पाती थी। ऐसी स्थिति में बहादुर को भी कमाने के लिए बाहर भेजना उसकी मजबूरी थी, ताकि वह अपना और परिवार का भविष्य सुधार सके। इसीलिए वह उसे अपने पास नहीं रख सकी और नौकरी के लिए शहर भेज दिया।
6. बहादुर के साथ किस प्रकार का व्यवहार किया जाना चाहिए था?
बहादुर के साथ सहानुभूतिपूर्ण, दयालु और सम्मानजनक व्यवहार किया जाना चाहिए था। उसे केवल एक नौकर नहीं, बल्कि परिवार के एक छोटे सदस्य की तरह देखना चाहिए था। उसकी उम्र और भोलेपन को ध्यान में रखते हुए उसे प्यार से समझाना चाहिए था, न कि डाँटना-फटकारना चाहिए था। उसकी शिक्षा का ध्यान रखते हुए उसे पढ़ने-लिखने के अवसर देने चाहिए थे। सबसे महत्वपूर्ण, उस पर बिना सबूत चोरी का आरोप नहीं लगाना चाहिए था, क्योंकि यही बात उसके मन को गहराई से आहत कर गई और उसे घर छोड़ने पर मजबूर कर दिया।
7. बहादुर के जीवन की त्रासदी क्या है?
बहादुर के जीवन की सबसे बड़ी त्रासदी यह है कि एक मासूम, ईमानदार और मेहनती बच्चा होने के बावजूद उसे समाज और परिस्थितियों के कारण बचपन में ही कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। पिता की मृत्यु और गरीबी के कारण उसे अपना घर छोड़कर कम उम्र में ही नौकरी करनी पड़ी। वहाँ भी उसे पूरा प्यार और सम्मान नहीं मिला। झूठे चोरी के आरोप ने उसकी भावनाओं को ठेस पहुँचाई और उसे भागने के लिए मजबूर कर दिया। उसकी त्रासदी समाज की संवेदनहीनता, गरीबी और बाल श्रम की विवशता को दर्शाती है।
8. बहादुर कहानी का उद्देश्य स्पष्ट कीजिए।
‘बहादुर’ कहानी का मुख्य उद्देश्य समाज में फैले बाल श्रम की समस्या और गरीब बच्चों के प्रति होने वाले दुर्व्यवहार को उजागर करना है। यह कहानी दर्शाती है कि किस तरह गरीबी के कारण मासूम बच्चों का बचपन छिन जाता है और उन्हें कठिन परिशाम करना पड़ता है। साथ ही, यह कहानी समाज के उन संवेदनहीन लोगों पर प्रहार करती है जो इन बच्चों के साथ इंसानियत का व्यवहार नहीं करते, उन पर अविश्वास करते हैं और उनके मनोभावों को नहीं समझते। लेखक ने पाठकों को यह संदेश दिया है कि ऐसे बच्चों के साथ प्यार और सम्मान का व्यवहार करना चाहिए।
बहुविकल्पीय प्रश्न
1. बहादुर कहानी के लेखक कौन हैं?
(क) प्रेमचंद
(ख) अमरकांत
(ग) नागार्जुन
(घ) फणीश्वरनाथ रेणु
2. बहादुर किस प्रदेश का रहने वाला था?
(क) उत्तर प्रदेश
(ख) नेपाल
(ग) बिहार
(घ) पंजाब
3. बहादुर को किस बात का सबसे अधिक डर था?
(क) अँधेरे का
(ख) शेर का
(ग) पुलिस का
(घ) भूत का
4. बहादुर के पिता का क्या नाम था?
(क) शेरसिंह
(ख) वीरसिंह
(ग) दिलबहादुर
(घ) बहादुरसिंह
5. बहादुर कितने रुपये महीने पर नौकरी करता था?
(क) पाँच रुपये
(ख) आठ रुपये
(ग) दस रुपये
(घ) पंद्रह रुपये
6. बहादुर के भाग जाने के बाद क्या हुआ?
(क) उसे पुलिस ने पकड़ लिया
(ख) वह वापस अपने घर चला गया
(ग) उसका कुछ पता नहीं चला
(घ) वह दूसरे घर में नौकरी करने लगा
बिहार बोर्ड - हिन्दी (गोधूलि भाग 2)
पाठ 6: बहादुर (कहानी)
1. बहादुर के चरित्र की कोई दो विशेषताएँ लिखिए।
उत्तर: बहादुर के चरित्र की दो प्रमुख विशेषताएँ हैं:
ईमानदारी: वह एक सच्चा और ईमानदार लड़का था। अपने मालिक के घर में काम करते हुए भी वह कभी किसी चीज़ की चोरी नहीं करता था और अपने काम को पूरी निष्ठा से करता था।
सरल एवं भोलापन: बहादुर का स्वभाव बहुत ही सीधा-सादा और भोला था। वह दुनियादारी की चालाकियों से अनजान था और सब पर आसानी से विश्वास कर लेता था, जिसका फायदा दूसरे उठाते थे।
2. बहादुर के आने से निर्मला के जीवन में क्या परिवर्तन आया?
उत्तर: बहादुर के आने से निर्मला के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आया। घर के सारे छोटे-मोटे काम, जैसे बच्चों को संभालना, बाज़ार से सामान लाना, झाड़ू-पोंछा करना आदि, बहादुर करने लगा। इससे निर्मला को घरेलू कामों के भार से काफी राहत मिली और उसे अपने लिए समय मिलने लगा। वह अब थोड़ा आराम कर पाती थी और अपने बच्चों पर भी बेहतर ध्यान दे पाती थी।
3. बहादुर के साथ दुर्व्यवहार क्यों किया जाता था?
उत्तर: बहादुर के साथ दुर्व्यवहार कई कारणों से किया जाता था:
समाज में निम्न स्थिति: वह एक गरीब, अनपढ़ नेपाली लड़का था, जिसे समाज में नौकर समझकर हेय दृष्टि से देखा जाता था।
भोलेपन का फायदा उठाना: उसका सीधा और भोला स्वभाव था, इसलिए घर के बच्चे और बाहर के लोग उसका मज़ाक उड़ाते और उसे परेशान करते थे।
गलतियों के लिए सजा: छोटी-मोटी गलतियाँ होने पर, जैसे बर्तन तोड़ना या काम में देरी, उसे मारपीट और गाली-गलौज का सामना करना पड़ता था।
4. बहादुर के पिता ने उसे घर से क्यों निकाल दिया?
उत्तर: बहादुर के पिता ने उसे घर से इसलिए निकाल दिया क्योंकि वह बहुत गरीब थे और अपने बड़े परिवार का पेट पालने में असमर्थ थे। उन्हें लगा कि अगर बहादुर शहर जाकर किसी घर में नौकरी करेगा, तो उसे खाना-रहना मिलेगा और वह कुछ पैसे भी कमाकर घर भेज सकेगा। इस तरह घर का एक पेट कम हो जाएगा और आमदनी भी बढ़ेगी।
5. बहादुर के जीवन का लक्ष्य क्या था?
उत्तर: बहादुर के जीवन का प्रमुख लक्ष्य अपने गरीब परिवार की मदद करना था। वह शहर में नौकरी करके पैसे कमाना चाहता था ताकि वह अपने माता-पिता और भाई-बहनों के लिए कपड़े, खाने का सामान और ज़रूरी चीज़ें खरीद सके। उसका सपना था कि एक दिन वह अपने गाँव लौटेगा और अपने परिवार को खुशहाल जीवन दे पाएगा।
6. बहादुर कहानी का प्रमुख संदेश क्या है?
उत्तर: 'बहादुर' कहानी का प्रमुख संदेश यह है कि समाज में हर इंसान, चाहे वह किसी भी वर्ग या आर्थिक स्थिति का हो, सम्मान और इंसानियत के योग्य है। कहानी बाल मज़दूरी की समस्या, गरीबी और सामाजिक असमानता पर प्रकाश डालती है। यह हमें सिखाती है कि हमें बच्चों के साथ, विशेषकर गरीब और असहाय बच्चों के साथ, दया और समझदारी का व्यवहार करना चाहिए, न कि उनका शोषण करना चाहिए।
7. बहादुर के स्वभाव की विशेषताएँ लिखिए।
उत्तर: बहादुर के स्वभाव की प्रमुख विशेषताएँ निम्नलिखित हैं:
मेहनती: वह बिना किसी शिकायत के दिन-रात मेहनत से काम करता था।
भावुक: वह अपने परिवार से बहुत प्यार करता था और उनकी याद में अक्सर उदास हो जाता था।
सच्चा: वह कभी झूठ नहीं बोलता था और अपनी गलती मान लेता था।
विश्वासपात्र: उसकी ईमानदारी के कारण निर्मला उस पर पूरा भरोसा करती थी।
सहनशील: दुर्व्यवहार और मार-पीट सहने के बावजूद वह धैर्य से काम करता रहता था।
बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQs)
1. बहादुर कहानी के लेखक कौन हैं?
उत्तर:
(A) प्रेमचंद
(B) मोहन राकेश
(C) अमरकांत
(D) फणीश्वरनाथ रेणु
2. बहादुर किस प्रदेश का रहने वाला था?
उत्तर:
(A) बिहार
(B) उत्तर प्रदेश
(C) नेपाल
(D) पंजाब
3. बहादुर किसके घर नौकर था?
उत्तर:
(A) दिलीप के
(B) निर्मला के
(C) रामस्वरूप के
(D) श्याम के
4. बहादुर के पिता का क्या नाम था?
उत्तर:
(A) श्यामलाल
(B) शेरसिंह
(C) भीमसिंह
(D) रणबहादुर
5. बहादुर क्यों भाग गया?
उत्तर:
(A) पढ़ाई करने
(B) घर जाने
(C) मार के डर से
(D) नौकरी बदलने
(क) लेखक ने दिलबहादुर को हिदायत देते हुए कहा कि उसे शरारतें छोड़कर ठीक. ढंग से काम करना चाहिए। इस घर को अपना ही घर समझना चाहिए। जो हम खाते हैं वही नौकर भी खाते हैं। नीकर-चाकर भी परिवार का ही अंग होता है।
लेखक ने दिलबहादुर को समझाया कि उसे शरारतें छोड़कर ईमानदारी और लगन से काम करना चाहिए। उसे इस घर को अपना ही घर मानना चाहिए और यहाँ के सभी नियमों का पालन करना चाहिए। लेखक ने यह भी कहा कि इस घर में नौकर और मालिक के भोजन में कोई भेदभाव नहीं है, जो खाना परिवार के सदस्य खाते हैं, वही नौकर को भी दिया जाता है। अंत में, लेखक ने यह महत्वपूर्ण बात कही कि एक अच्छा नौकर परिवार का एक अभिन्न अंग होता है, न कि कोई बाहरी व्यक्ति।
(ख) दिलबहादुर को पाकर लेखक का मन अन्दर ही अंन्दर प्रफुल्लित हो उठा। वह अपनी पत्नी की बात रखने में सफल हो गया था। लेखक अन्तर्मन से सोचने लगा कि यदि यह लड़का इस घर में टिक गया तो वह भी हमारे लड़कों की तरह पढ़-लिख जायेगा और उसकी जिन्दगी भी सुधर जायेगी।
दिलबहादुर के आने से लेखक का मन खुशी से भर गया। उसे ऐसा लगा कि उसने अपनी पत्नी निर्मला को दिए वादे को पूरा कर लिया है। लेखक के मन में यह आशा जागी कि अगर यह लड़का यहाँ रह गया, तो उसे भी उसके अपने बच्चों की तरह पढ़ने-लिखने का मौका मिलेगा। इससे न सिर्फ बहादुर का भविष्य उज्ज्वल होगा, बल्कि उसकी ज़िंदगी भी एक बेहतर दिशा में आगे बढ़ेगी।
(ग) निर्मला संभवतः व्यावहारिक शिक्षा देने में निपुण थी। उसने दिलबहादुर से कहा कि इस मुहल्ले में वह किसी के घर आना-जाना न करे। बाहर का कोई व्यक्ति कोई सामान लाने के लिए कहे तो अभी आया कहकर घर में घुस जाये। घर के सभी सदस्यों के साथ अच्छी तरह से व्यवहार करे।
निर्मला एक व्यावहारिक और समझदार महिला थीं। उन्होंने दिलबहादुर को कुछ ज़रूरी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि उसे इस मोहल्ले के किसी भी दूसरे घर में आना-जाना नहीं करना चाहिए। अगर घर के बाहर कोई अजनबी उसे कुछ सामान लाने के लिए कहे, तो उसे 'अभी आया' कहकर तुरंत घर के अंदर आ जाना चाहिए। साथ ही, उसे घर के हर सदस्य के साथ विनम्र और अच्छा व्यवहार करना चाहिए।
(घ) निर्मला को दिलबहादुर कहने में अजीबोगरीब लगता था। व्यावहारिक कुशलता एवं अच्छा लगने के उद्देश्य से उसने दिलबहादुर के नाम से दिल को हटाकर बहादुर नाम दे डाला। दिलबहादुर से वह बहादुर बन गया।
निर्मला को 'दिलबहादुर' नाम बोलने में अटपटा और लंबा लगता था। वह चाहती थी कि नाम छोटा और आसान हो। इसलिए, व्यावहारिकता और सुविधा के चलते उसने उसके नाम से 'दिल' शब्द हटा दिया और सिर्फ 'बहादुर' कहकर बुलाने लगी। इस तरह दिलबहादुर का नाम छोटा होकर सिर्फ 'बहादुर' रह गया।
(क) लेखक अपने को ऊँचा क्यों समझने लगा था १
लेखक के भाइयों और अन्य रिश्तेदारों के घरों में नौकर-चाकर थे। लेखक के पास सभी सुविधाएँ होने के बावजूद उसके घर में कोई नौकर नहीं था, जिससे उसे हीनभावना होती थी। जब बहादुर उसके घर आया, तो लेखक को लगा कि अब वह भी अपने भाइयों और रिश्तेदारों के बराबर हो गया है। चूँकि उसके पड़ोसियों के पास भी नौकर नहीं थे, इसलिए एक तरह के झूठे अहंकार और ईर्ष्या के कारण लेखक स्वयं को उनसे श्रेष्ठ और ऊँचा समझने लगा।
(ख) नौकर को पाकर लेखक के व्यवहार में कौन-सा परिवर्तन आ गया था? और क्यों?
नौकर आने के बाद लेखक के व्यवहार में एक अजीब सा घमंड और अहंकार आ गया था। वह अपने पड़ोसियों को तुच्छ समझने लगा, उनसे ठीक से बात नहीं करता था और उनके बच्चों को छोटी-छोटी बातों पर डाँटने लगा था। वह अक्सर यह कहकर दिखावा करता कि नौकर रखना हर किसी के बस की बात नहीं है। यह परिवर्तन इसलिए आया क्योंकि लेखक ग़लत तरीके से अपनी शान बढ़ाना चाहता था और नौकर को एक स्टेटस सिंबल के रूप में देखने लगा था।
(ग) लेखक की पत्नी निर्मला ने पड़ोसियों को क्या खबर सुनाई थी?
लेखक की पत्नी निर्मला ने पड़ोसियों के सामने अपनी शान दिखाते हुए कहा कि उनकी आधी कमाई तो सिर्फ नौकर पर ही खर्च हो रही है। उसने यह भी कहा कि पैसा कमाने का मतलब ही है कि उसे अपने आराम और सुख-सुविधाओं पर खर्च किया जाए। इस तरह उसने पड़ोसियों को यह बताने की कोशिश की कि उनका परिवार कितना समृद्ध और खुशहाल है।
(घ) घर में नौकर किस तरह होता है ?
इस कहानी के संदर्भ में, लेखक कहता है कि घर में नौकर एक दिखावे की वस्तु या 'स्वांग' की तरह होता है। यानी लोग अक्सर नौकर को अपनी सामाजिक प्रतिष्ठा बढ़ाने, दूसरों को दिखाने या अपने अहंकार को संतुष्ट करने के लिए रखते हैं, न कि सहायता के लिए। वह नौकर को परिवार का सच्चा सदस्य नहीं, बल्कि एक बाहरी व्यक्ति मानता है।
(ड) रुपया-पैसा किसलिए कमाया जाता है ?
लेखक और उसकी पत्नी के विचार से, रुपया-पैसा समाज में अपनी मान-मर्यादा और प्रतिष्ठा कायम रखने के लिए कमाया जाता है। उनका मानना था कि पैसे का असली सदुपयोग वही है जिससे घर की शान बढ़े और दूसरों के सामने एक अच्छी छवि बने। लेखक ने नौकर रखकर अपनी पत्नी की इच्छा पूरी की, जो समाज में उनकी स्थिति को ऊँचा दिखाना चाहती थी।
(क) पाठ और लेखक का नाम लिखें।
पाठ: बहादुर
लेखक: अमरकांत
(ख)बहादुर से भूल-गलतियाँ क्यों होने लगी थीं?
बहादुर से भूल-गलतियाँ इसलिए होने लगी थीं क्योंकि उसे लगातार मारपीट और गाली-गलौज का सामना करना पड़ रहा था। इस कठोर व्यवहार के कारण उसका आत्मविश्वास टूट गया था, वह डरा हुआ और उदास रहने लगा था। जब कोई व्यक्ति डर और तनाव में होता है, तो उससे गलतियाँ होना स्वाभाविक है।
(ग) लेखक द्वारा मार-पीट न रोकने से उसका कैसे स्वभाव का पता चलता है ?
लेखक द्वारा बहादुर की मारपीट को न रोकने से उसके कायर, दब्बू और संवेदनहीन स्वभाव का पता चलता है। वह जानता था कि यह गलत है, फिर भी वह चुप रहा। इससे यह भी पता चलता है कि वह नौकर को एक इंसान के बजाय एक वस्तु की तरह देखता था, जिसके साथ कुछ भी किया जा सकता है।
(घ) नौकर के साथ मार-पीट क्या आप उचित मानते हैं ? अपने कथन के समर्थन में तर्क प्रस्तुत करें।
नहीं, नौकर के साथ मार-पीट करना बिल्कुल भी उचित नहीं है। नौकर भी एक इंसान है, उसके भी अधिकार और सम्मान हैं। मारपीट एक अपराध और नैतिक रूप से गलत कार्य है। गलती होने पर उसे प्यार और समझदारी से समझाया जा सकता है। कठोर व्यवहार से केवल डर और अविश्वास पैदा होता है, जिससे काम भी खराब होता है। हर इंसान के साथ इंसानियत का व्यवहार होना चाहिए।
(क) पाठ और लेखक का नाम लिखें।
पाठ: बहादुर
लेखक: अमरकांत
(ख) प्रस्तुत कथन किसका है और उसे किस बात का अफसोस है?
यह कथन लेखक की पत्नी निर्मला का है। उसे इस बात का गहरा अफसोस और आश्चर्य है कि बहादुर घर छोड़कर जाते समय कुछ भी नहीं ले गया। उसने न तो अपने कपड़े-जूते लिए, न ही कोई और सामान। यह देखकर निर्मला को अपने व्यवहार पर पश्चाताप हो रहा है।
(ग) प्रस्तुत गद्यांश में मालकिन का कौन-सा भाव व्यक्त है १
इस गद्यांश में मालकिन निर्मला के मन में गहरा अपराधबोध और पश्चाताप का भाव व्यक्त हो रहा है। उसे अहसास हो रहा है कि उन्होंने बहादुर के साथ, खासकर चोरी के झूठे आरोप लगाकर, बहुत बुरा व्यवहार किया। बहादुर के कुछ न ले जाने से उनकी आत्मा को ठेस पहुँची है।
(घ) “पर वह तो कुछ ले नहीं गया कथन के पीछे कौन-सी कसक है?
"पर वह तो कुछ ले नहीं गया" इस कथन के पीछे बहादुर को निर्दोष होते हुए भी चोर समझने की गलती और उस पर अत्याचार करने की कसक है। निर्मला को अब समझ आ रहा है कि बहादुर एक ईमानदार लड़का था। उसके कुछ न ले जाने ने उनके झूठे आरोपों को गलत साबित कर दिया, जिससे उन्हें अपनी भूल का एहसास हुआ और मन को बहुत कष्ट हुआ।
वस्तुनिष्ठ प्रश्न
प्रश्न 1. “बहादुर के कहानीकार कौन हैं ?
(क) नलिन विलोचन शर्मा
(ख) अमरकांत
(ग) विनोद कुमार शुक्ल
(घ) अशोक वाजपैयी
उत्तर: (ख) अमरकांत
प्रश्न 2. “बहादुर कैसी कहानी है ?
(क) ऐतिहासिक
(ख) मनोवैज्ञानिक
(ग) सामाजिक
(घ) वैज्ञानिक
उत्तर: (ग) सामाजिक
प्रश्न 3. बहादुर अपने घर से क्यों भाग गया था?
(क) गरीबी के कारण
(ख) माँ की मार के कारण
(ग) शहर घूमने के लिए
(घ) भ्रमवश
उत्तर: (ख) माँ की मार के कारण
प्रश्न 4. निर्मला कौन थी?
(क) शिक्षिका
(ख) बहादुर की माँ
(ग) कथाकार की पत्नी
(घ) कथाकार की पड़ोसन
उत्तर: (ग) कथाकार की पत्नी
रिक्त स्थानों की पूर्ति
प्रश्न 1. बहादुर को लेकर............ साहब आए थे।
उत्तर: साले
प्रश्न 3. बहादुर घर में... .... .की तरह नाचता था।
उत्तर: फिरकी
प्रश्न 4. .........खाकर वह गिरते-गिरिते बचा।
उत्तर: तमाचा
प्रश्न 5. मुझे एक अजीव-सी...... .का अनुभव होने लगा।
उत्तर: लघुता
अतिलघु उत्तरीय प्रश्न
प्रश्न 1. बहादुर का अपने घर से भागने का कारण क्यों था?
बहादुर अपने घर से इसलिए भाग गया था क्योंकि उसकी माँ उसे बिना किसी बड़ी गलती के अक्सर मारती थी। इस लगातार मारपीट और डर के कारण वह घर से दूर भागने को मजबूर हो गया।
बिहार बोर्ड - हिंदी (गोधूलि भाग 2)
पाठ 6: बहादुर (कहानी)
1. बहादुर के चरित्र की कोई दो विशेषताएँ लिखिए।
उत्तर: बहादुर के चरित्र की दो प्रमुख विशेषताएँ हैं:
ईमानदारी एवं सच्चाई: बहादुर एक ईमानदार और सच्चा लड़का था। वह कभी भी झूठ नहीं बोलता था और अपने मालिक के घर की हर छोटी-बड़ी चीज़ का पूरा ध्यान रखता था। उसकी इसी ईमानदारी के कारण निर्मला उस पर पूरा भरोसा करती थी।
सरल एवं भावुक हृदय: बहादुर का स्वभाव बहुत ही सरल और भोला था। वह अपने घर और माँ की याद में अक्सर उदास हो जाता था, जो उसके भावुक हृदय को दर्शाता है। वह थोड़ी सी प्रशंसा या प्यार पाकर खुश हो जाता था और दुख पाकर टूट जाता था।
2. बहादुर के आने से निर्मला के जीवन में क्या परिवर्तन आया?
उत्तर: बहादुर के आने से निर्मला के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आया। घर के सारे छोटे-मोटे काम, जैसे बर्तन माँजना, कमरा साफ करना, बाज़ार से सामान लाना आदि, बहादुर करने लगा। इससे निर्मला को घरेलू कामों से मुक्ति मिल गई और उसके पास अपने लिए समय बचने लगा। वह अब अधिक आराम से रहने लगी और अपने बच्चों तथा पति की देखभाल पर बेहतर ध्यान दे पाती थी। बहादुर की मेहनत और ईमानदारी ने घर का वातावरण भी हल्का और सुव्यवस्थित बना दिया।
3. बहादुर के साथ दुर्व्यवहार क्यों किया गया?
उत्तर: बहादुर के साथ दुर्व्यवहार कई कारणों से किया गया:
सामाजिक स्थिति: बहादुर एक गरीब परिवार से आया नौकर था। समाज में नौकरों के साथ अक्सर छोटा समझकर दुर्व्यवहार किया जाता था।
घर के बड़े बेटे का व्यवहार: घर का बड़ा बेटा दिलबहादुर को हमेशा तंग करता था, उस पर शक करता था और मारपीट करता था।
झूठा आरोप: एक दिन घर से पाँच रुपये गायब हो गए। बिना किसी पुख्ता सबूत के, सभी ने बहादुर पर ही चोरी का आरोप लगा दिया। इस झूठे आरोप और अविश्वास ने बहादुर को गहरा ठेस पहुँचाया और उसके साथ दुर्व्यवहार को बढ़ावा दिया।
4. बहादुर कहानी का प्रमुख संदेश क्या है?
उत्तर: 'बहादुर' कहानी का प्रमुख संदेश यह है कि हमें गरीब और निम्न सामाजिक स्थिति के लोगों, विशेषकर नौकरों, के साथ इंसानियत और सम्मान का व्यवहार करना चाहिए। उन्हें केवल सेवक नहीं, बल्कि एक संवेदनशील इंसान समझना चाहिए जिसके अपने सपने, भावनाएँ और स्वाभिमान होते हैं। कहानी यह भी दर्शाती है कि बिना सोचे-समझे लगाया गया अविश्वास और दुर्व्यवहार किसी मासूम के मन को कितना आहत कर सकता है और उसे भागने के लिए मजबूर कर सकता है।
5. बहादुर के पलायन के क्या कारण थे?
उत्तर: बहादुर के पलायन या भाग जाने के निम्नलिखित कारण थे:
अविश्वास और झूठा आरोप: पाँच रुपये गुम होने पर पूरे परिवार द्वारा बिना पूछताछ के उस पर चोरी का आरोप लगाना, उसके लिए सबसे बड़ा झटका था। उसकी ईमानदारी पर यह सवाल उसके स्वाभिमान को ठेस पहुँचाता था।
लगातार दुर्व्यवहार: घर के बड़े बेटे द्वारा उसे मारना-पीटना और ताने मारना एक नियमित बात बन गई थी।
अकेलापन और घर की याद: बहादुर अपने गाँव और माँ को बहुत याद करता था। नए घर में उसे वह प्यार और अपनापन नहीं मिल पा रहा था, जिसकी उसे तलाश थी। इन सभी कारणों ने मिलकर उसे घर छोड़कर भाग जाने के लिए मजबूर कर दिया।
6. बहादुर कहानी के आधार पर बताइए कि निर्मला का चरित्र कैसा था?
उत्तर: निर्मला का चरित्र विरोधाभासों से भरा हुआ था। एक तरफ वह दयालु और समझदार थी। उसने ही बहादुर को घर में रखा और शुरू में उसके साथ अच्छा व्यवहार किया। वह बहादुर की ईमानदारी की कद्र करती थी और उस पर विश्वास करती थी। लेकिन दूसरी तरफ, जब परिस्थितियाँ बदलीं और पैसे गायब हुए, तो वह भी संदेह और रूढ़िवादी सोच का शिकार हो गई। उसने बहादुर पर तुरंत शक किया और उसके प्रति उसका व्यवहार बदल गया। इससे पता चलता है कि निर्मला एक सामान्य गृहिणी थी जो अच्छी भी थी, लेकिन समाज के प्रभाव और परिस्थितियों के दबाव में आकर गलत निर्णय भी ले सकती थी।
बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQs)
1. 'बहादुर' कहानी के लेखक कौन हैं?
(A) अमरकांत
(B) प्रेमचंद
(C) फणीश्वरनाथ रेणु
(D) हरिशंकर परसाई
2. बहादुर कहाँ का रहने वाला था?
(A) बिहार
(B) नेपाल
(C) उत्तर प्रदेश
(D) पंजाब
3. बहादुर को नौकरी पर किसने रखा था?
(A) लेखक ने
(B) निर्मला ने
(C) दिलबहादुर ने
(D) पड़ोसी ने
4. बहादुर के साथ दुर्व्यवहार किसने किया?
(A) निर्मला
(B) घर का बड़ा बेटा
(C) लेखक
(D) पड़ोसी
5. बहादुर के भाग जाने का तात्कालिक कारण क्या था?
(A) मार पड़ना
(B) घर की याद
(C) चोरी का झूठा आरोप
(D) काम अधिक होना
6. बहादुर किस प्रकार का लड़का था?
(A) ईमानदार और मेहनती
(B) आलसी और चालाक
(C) शैतान और गुस्सैल
(D) पढ़ाकू और समझदार
बिहार बोर्ड - हिंदी (गोधूलि भाग 2) गद्य खंड
पाठ 6 - बहादुर (कहानी)
1. बहादुर के चरित्र की विशेषताएँ लिखिए।
बहादुर एक सीधा-सादा, मेहनती और भोला नेपाली लड़का था। उसके चरित्र की प्रमुख विशेषताएँ इस प्रकार हैं:
ईमानदार एवं मेहनती: वह घर के सारे काम, जैसे झाड़ू लगाना, बर्तन माँजना, बाजार से सामान लाना, पानी भरना आदि पूरी लगन से करता था।
भावुक एवं संवेदनशील: वह अपने घर और माँ को बहुत याद करता था। उसकी आँखें माँ की याद में भर आती थीं, जो उसके कोमल हृदय को दर्शाता है।
सीधा एवं भोला: वह शहरी चालाकियों से अनजान था। दूसरे नौकरों की तरह चोरी या झूठ नहीं बोलता था। उसकी सरलता कई बार उसकी मार खाने का कारण बन जाती थी।
आत्मसम्मानी: अंत में जब उस पर चोरी का झूठा आरोप लगाया गया और उसे बिना किसी गलती के मारा गया, तो उसने घर छोड़कर चले जाना बेहतर समझा। यह उसके आत्मसम्मान को दर्शाता है।
बच्चों जैसा मन: वह खेलने-कूदने का शौकीन था। लड़कों के साथ खेलता, गेंद उछालता और मस्ती करता था, जो उसकी बचपना प्रकृति को दिखाता है।
2. बहादुर के साथ किस प्रकार का व्यवहार किया गया? क्या यह उचित था?
बहादुर के साथ शुरुआत में तो अच्छा व्यवहार किया गया, लेकिन धीरे-धीरे उसके साथ दुर्व्यवहार बढ़ने लगा। उसे घर का एक सदस्य न मानकर केवल एक नौकर समझा जाने लगा। उस पर हर छोटी-बड़ी गलती का दोष मढ़ा जाता था। उसे डाँटा-फटकारा जाता था और अंततः मारपीट भी की गई। उस पर चोरी का झूठा आरोप भी लगाया गया।
यह व्यवहार बिल्कुल भी उचित नहीं था। बहादुर एक मासूम, मेहनती और ईमानदार लड़का था। उसकी भावनाओं को समझने के बजाय उसे केवल काम करने वाला यंत्र समझा गया। एक बच्चे के प्रति इस तरह का कठोर और अविश्वासपूर्ण रवैया अन्यायपूर्ण था। यह व्यवहार ही उसे घर छोड़कर भागने के लिए मजबूर कर देता है।
3. बहादुर के आने से लेखक के परिवार को क्या-क्या सुविधाएँ मिलीं?
बहादुर के आने से लेखक के परिवार को निम्नलिखित सुविधाएँ और लाभ मिले:
काम में सहूलियत: घर के सारे दैनिक काम, जैसे झाड़ू-पोंछा, बर्तन साफ करना, पानी भरना, सामान लाना आदि आसानी से होने लगे। निर्मला (लेखक की पत्नी) को घरेलू कामों से राहत मिल गई।
बच्चों की देखभाल: बहादुर बच्चों को स्कूल छोड़ने-लेने जाता था और उनके साथ खेलता भी था, जिससे बच्चे व्यस्त रहते थे।
आर्थिक बचत: बहादुर को बहुत कम वेतन (तीन रुपये महीना) दिया जाता था, जबकि वह एक वयस्क नौकर से भी अधिक काम करता था। इससे परिवार को आर्थिक लाभ था।
घर की व्यवस्था: घर साफ-सुथरा और व्यवस्थित रहने लगा। समय पर चाय-नाश्ता तैयार मिलता था। घर का वातावरण अधिक सुव्यवस्थित हो गया।
4. बहादुर के भाग जाने के बाद लेखक को क्यों पछतावा हुआ?
बहादुर के भाग जाने के बाद लेखक को गहरा पछतावा हुआ क्योंकि:
अनुचित व्यवहार का अहसास: उसे एहसास हुआ कि उन लोगों ने एक मासूम, भोले और मेहनती बच्चे के साथ अन्याय किया है। बहादुर पर चोरी का झूठा आरोप लगाया गया और उसे मारा भी गया।
स्वयं की भूमिका: लेखक को यह सोचकर पश्चाताप हुआ कि यदि उसने स्वयं बहादुर को न मारा होता, तो शायद वह न भागता। वह अपने क्रोध पर शर्मिंदा महसूस करने लगा।
अपराधबोध की भावना: उसे एक 'अजीब-सी लघुता' यानी छोटेपन का अनुभव हुआ। उसे लगा कि एक बच्चे को दबाने और उसके साथ दुर्व्यवहार करने में उसकी भी भूमिका थी, जो एक बड़े होने के नाते उचित नहीं था।
बहादुर के अच्छे गुणों की याद: बहादुर के जाने के बाद घर की अव्यवस्था ने लेखक को उसकी उपयोगिता और ईमानदारी का अहसास करा दिया, जिससे पछतावा और बढ़ गया।
5. 'बहादुर' कहानी का सारांश अपने शब्दों में लिखिए।
'बहादुर' कहानी अमरकांत द्वारा रचित एक मार्मिक कहानी है जो एक नेपाली मजदूर बच्चे के साथ होने वाले दुर्व्यवहार और मानवीय संवेदनहीनता को दर्शाती है।
कहानी में लेखक अपने परिवार में आए एक नौकर बच्चे 'बहादुर' का वर्णन करता है। बहादुर नेपाल से आया एक भोला-भाला, ईमानदार और मेहनती लड़का है। शुरू में पूरा परिवार उससे खुश रहता है क्योंकि वह सारे काम बड़ी लगन से करता है। वह बच्चों के साथ खेलता भी है और सबका चहेता बन जाता है।
लेकिन धीरे-धीरे स्थिति बदलने लगती है। बहादुर की छोटी-छोटी गलतियों पर उसे डाँट पड़ने लगती है। उसे घर का सदस्य न मानकर सिर्फ एक नौकर समझा जाने लगता है। एक दिन लेखक का बेटा दिलबहादुर की शिकायत करता है कि उसने उसे मारा है। गुस्से में आकर लेखक बहादुर को थप्पड़ मार देता है। इस घटना के बाद बहादुर उदास रहने लगता है और उसके साथ और भी बुरा व्यवहार होने लगता है।
अंत में, जब घर से पाँच रुपये गुम हो जाते हैं, तो बिना किसी पुख्ता सबूत के बहादुर पर ही चोरी का शक किया जाता है। लेखक की पत्नी निर्मला उसे मारती है। इस अन्याय और अपमान को सहन न कर पाने के कारण बहादुर चुपचाप घर छोड़कर भाग जाता है। उसके जाने के बाद लेखक को अपने व्यवहार पर पश्चाताप होता है और उसे अपनी गलती का अहसास होता है।
यह कहानी समाज में फैले वर्गभेद, संवेदनहीनता और एक मासूम बच्चे के शोषण की करुण कहानी कहती है।
6. निम्नलिखित गद्यांश की सप्रसंग व्याख्या कीजिए-
एक दिन मैं दफ्तर से विलम्ब से आया.............यदि मैं न मारता, तो शायद वह न जाता।
प्रसंग: यह गद्यांश अमरकांत द्वारा लिखित कहानी 'बहादुर' से लिया गया है। यह वह दृश्य है जब बहादुर के भाग जाने के बाद लेखक को उसकी अनुपस्थिति का एहसास होता है और उसे अपने किए पर पछतावा होने लगता है।
व्याख्या: लेखक एक दिन ऑफिस से देरी से घर लौटता है। घर का माहौल पूरी तरह बदला हुआ और उदासीन नजर आता है। उसकी पत्नी निर्मला आँगन में चुपचाप, सिर पर हाथ रखे बैठी है। बच्चे कहीं दिखाई नहीं दे रहे हैं, सिर्फ उनकी बेटी अपनी माँ के पास खड़ी है। घर में सर्दी का अहसास है क्योंकि अंगीठी अभी तक नहीं जली है। आँगन गंदा पड़ा है, बर्तन बिना धोए रखे हैं। पूरा घर एक तरह से सुनसान और बेजान लग रहा है।
लेखक जब पूछता है कि क्या बात है, तो निर्मला बताती है कि "बहादुर भाग गया।" यह सुनकर लेखक हैरान रह जाता है। निर्मला आँखों पर आँचल रखकर रोने लगती है। लेखक को क्रोध आता है, वह चिल्लाना चाहता है, लेकिन उसका मन भारी हो जाता है और वह चारपाई पर सिर झुकाकर बैठ जाता है।
उसे अपने आप में एक अजीब-सी लघुता यानी छोटेपन का अनुभव होता है। उसके मन में विचार आता है कि यदि उसने बहादुर को न मारा होता, तो शायद वह घर नहीं छोड़कर जाता। यहाँ लेखक अपनी गलती स्वीकार कर रहा है और उसे एहसास हो रहा है कि उसके और परिवार के कठोर व्यवहार ने ही एक मासूम, मेहनती बच्चे को भागने के लिए मजबूर कर दिया। यह क्षण लेखक के आत्मालोचन और पश्चाताप का क्षण है।
पाठ से महत्वपूर्ण शब्दार्थ
पंच: दो पक्षों के बीच निर्णायक की तरह
बेजुबान: मूक, भाषाविहीन
हिदायत: चेतावनी, सावधानी
शरारत: चंचलता, बदमाशी
शऊर: ढंग, शिष्टाचार, सलीका
तुच्छ: तुच्छ, छोटा, नगण्य
फरमाइश: आग्रह, निवेदन
नेकर: पैंट
सवांग: सगा, परिवार का सदस्य
कायल: आकांक्षी, अभ्यस्त, आदी
दायित्व: जिम्मेदारी
दर्पण: आईना
घाघ: घुटा हुआ, चतुर
होडना: मंथना, मथाना
अलगनी: कपड़े डालने के लिए बंधी लंबी रस्सी, खूँटी
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